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टोटलाइजर वोटिंग मशीन क्या है | What is Totalizer Voting Machine


जैसे की हम सब जानते हैं की भारत में मतदान Electronic voting machine (EVM) या गुप्त पत्र (Secreat Bailot) से होता है| हम यह भी जानते हैं की मतदान का समय खत्म होने के बाद प्रत्येक बूथ पर लगे EVM या Secreat Bailot की मतदान गणतरी शरू होती है| लेकिन प्रत्येक बूथ के आने वाले परिणाम से उस मतदान क्षेत्र के लोगो की राजनैतिक प्राथमिकता सबंधित गोपनीयता भंग होती है | चलिए इसको समझते है।

अभी के मतदान गणतरी में क्या परेशानी है ?(Problem in Voting calculation)

अभी के मतदान गणतरी में प्रत्येक EVM का मतदान डाटा प्रस्तुत किया जाता है| जिससे उस बूथ पर मतदान करने वाले मतदाताए कौनसी राजनैतिक दल को ज्यादा मत दिया है वह आसानी से पता लग सकता है|
सरल उदाहरण से समझते हैं मान लीजिए एक छोटे शहर का A नाम का पूरा विस्तार है| जिसमें हर चुनाव के वक्त एक बूथ लगता है| यह A विस्तार के बूथ का पिछले 10 सालोंके मतदान का विश्लेषण करें तो उसने केवल एक ही राजनैतिक दल को हमेशा भारी मात्रा में मत दिया है| लेकिन चुनाव के अंतिम परिणाम के बाद अन्य पक्ष जीतता है| तो वह जीता हुआ पक्ष उनको मत ना देने की सजा इस A क्षेत्र के लोगों को देता है|
ऐसी परेशानी बड़े शहरों में कम है लेकिन मध्यम और छोटे शहरों में कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती है।
सबसे बड़ी परेशानी गांव को है क्योंकि एक गांव में एक ही बूथ होता है। इसलिए आसानी से पता लग सकता है कि यह गांव कौन सी राजनैतिक दल का अनुयाई है। आपने कई बार सुना होगा यह कोंग्रेसी गांव है और यह बाजपी गांव है वगेरा।

बूथ की मतदान संबंधी गोपनीयता बाहर आने के बाद की परेशानी

मत ना देने के लिए उस क्षेत्र के लोगों को परेशान करने की कई घटनाएं सामने आती है|
जीवन जरूरी पानी, बिजली, गटर आदि मैं देरी करना, उस क्षेत्र के लोगों की तकलीफ पर ध्यान ना देना, कभी कभी तो लोगो को खुली धमकी भी मिलती है।
कई ऐसे क्षेत्र इस भेदभावपूर्ण या बदले की भावना के कारण विकास में पिछड़ जाते हैं।
2014 के आम चुनाव में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने मतदाताओं को खुली धमकी दी थी कि हम EVM से पता लगा सकते हैं किसने मत नहीं दिया और मत ना देने पर घर में पानी के जोडान को काट दिया जाएगा|
ऐसी ही धमकी के कारण 2014 के चुनाव में होशंगाबाद के एक मतक्षेत्र में एक ही व्यक्ति ने मत दिया था| जिसको बाद में चुनाव आयोग संग्यान में लिया।
इस तरह मतो का गैर उपयोग होना लोकतंत्रात्म व्यवस्था के लिए हानिकारक है।
इसके उपाय (Solution) के लिए चुनाव आयोग ने Totalizer Voting Machine को उपयोग करने का प्रस्ताव रखा है|

टोटल वोटिंग मशीन क्या है (What is Totalizer Voting Machine)

यह मशीन 14 बूथों के मतों को एक साथ गणतरी करेगा और अंतिम परिणाम इन 14 बूथों का एक साथ जाहेर करेगा| जिससे कोई पक्ष किसी एक बूथ के मतदान स्वभाव को ना जान सके।
election calculation machine
Vote Totaliser Machine 

Totalizer Voting Machine किसने बनाया?

यह मशीन भारतीय कंपनी Bharat Electronics limited, Bengaluru और Electronics corporation of India limited, Hyderabad ने बनाया है|
Totalizer Voting Machine 100% स्वदेशी है|


टोटलाइजर वोटिंग मशीन के फायदे(Benefits of Totalizer Voting Machine )

-मतदान की गोपनीयता सुरक्षित रहेगी
-मतदाता का शोषण रुकेगा
-चुनाव से पहले अन्य उमेदवारो को प्रताड़ित नहीं किया जा सकेगा
-धमकी का रास्ता बंद हो जाएगा और विकास के काम से मत लेना शुरू होगा जो लोकतंत्र को मजबूत बनाएगा|

टोटलाइजर वोटिंग मशीन के गैरफायदे (Disadvantages of Totalizer Voting Machine )

-E V M के बाहर डेटा गणतरी करना यह मतो का दुरुपयोग करने का राजनैतिक मुद्दा बन सकता है|
- बुथ वार गणतरी राजनैतिक दलो को उस क्षेत्रो के बारे में माहिती प्रदान करती है जिस पर काम करके उन लोगो का विश्वास जीतने में मदद कर सकता है|

हाल की परिस्थिति (Current situation )

E V M के आने से पहले चुनाव आयुक्त गुप्त मतदान पत्रों को आपस में मिलाके गिनते थे जीससे गोपनीयता भंग नहीं होती थी |
अभी चुनाव आयुक्त ने सर्वोच्च न्यायालय से Totalizer के उपयोग की इजाजत मांगी है लेकिन NDA ,BJP, Trinamool Congress और PMK राजनैतिक दलों इसका का विरोध कर रहे हैं | जबकि Congress, NCP और BSP Totalizer Voting Machine के पक्ष में हैं |

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