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जानिए परीक्षा पेपर की गलतिया बच्चेको भुगतनी पड़ती हैं

जानिए परीक्षा पेपर की गलतिया बच्चेको भुगतनी पड़ती हैं। 

हम सब जानते हे की देश की शिक्षण प्रणाली में कमिया हैं।  हररोज कही न कही शिक्षण के बारे में सुनने को मिलता है 

जानते तो हम सब हे की शिक्षण में कमिया है परीक्षा में कमिया हैं , शिक्षको और शैक्षणिक संस्था में दोष हैं।  लेकिन सबके मनमे यह प्रश्न हैं  की यह दोष क्या हैं? बहुत कम लोग जानते होते तो उसका उपाय खोज निकला होता। 

  चलिए आज में आपने जीवन के वास्तविक घटना से हमारी शिक्षण व्यवस्था की एक गलती सामने रखता हु। 

चार -पांच साल  घटना  हैं। कुछ काम की वजह से मुझे हमारे एक सबंधी के घर जाना पड़ा , घर तो पास में ही था में ११  बजे आसपास पहुंचा , दरवाजा  के अंदर गया तो  वह सबंधी (aunty ) अपने बच्चे को डाट रही थी।  बच्चे का नाम रवि था  में अंदर जाके बिच में पडू इससे पहले तो २-३ थप्पड़ खा ली थी। 

मेने aunty को रोका और पूरा मामला जाना रवि तब दूसरी कक्षा ( 2 nd  standard ) में    हमारे शहेर की खातनाम स्कुल में पढ़ता था। मूल यह हिंसक वातावरण था| वह इस रविभाई  के परिणाम से था। 


मेने परिणाम देखा तो 25 मार्क की टेस्ट में 17 मार्क ए हुए थे।  मेने रवि को पास बैठाया और पूरा पेपर देखा जिसमे 3-4 प्रश्न गलत किये हुए थे और दो प्रश्न खली छोड़े थे।  वह दो प्रश्न निचे दिए है। 

प्रश्न :1       कोई भी पांच पालतू प्राणी के नाम लिखे। 

प्रश्न :2        कोई भी पांच जलीय जीवो के नाम लिखे। 


हमारे लिए तो यह सरल प्रश्न है।  लेकिन यह दूसरी कक्षा के बच्चो के लिए कठिन भी नहीं है आज दूसरी कक्षा में पढ़ने वाला हर बच्चा इस प्रश्न का उत्तर दे सकता है। वैसे भी रवि ग्रामीण Brackgraound है। आता था तो खेत में वह ऐसे  हररोज  कई जीवो को देखता होगा तो फिर इस प्रश्नो का जवाब खाली क्यों छोड़ा। 


धरसल बात  ज्ञान  की नहीं थी।  दूसरी कक्षा में पढ़ रहे रवि को पालतू प्राणीओ  और जलीय जीवो पढ़ना ही नहीं आ रहा था।  वह समज ही नहीं सका की प्रश्न क्या है।  वैसे भी दूसरी कक्षा के बच्चो के लिए ऐसे सयुंक्त व्यंजन के शब्द पढ़ना कठिन होता है। 


मेने उसी प्रश्न को अलग तरिके से पूछा 

प्रश्न :1   गाय ,भेंस.........ऐसे पालतू प्राणीओ के पांच नाम लिखे।  
प्रश्न :2   मछली ,कछुआ------ऐसे जलीय जीवो के पांच नाम लिखे। 

रवि ने फटाफट से अपनी मम्मी के सामने लिख दिये और उसके 4 मार्क बढ़ा के 21 कर दिये जो अच्छे परिणाम में बदल गया।   

गलतियां 

स्कूलों में बच्चो के समझ तथा कक्षा के अनुसार प्रश्न-पत्र सेट करने चाहिए अगर प्रश्न -पत्र नहीं समज पाया तो प्राथमिक के बच्चे का तो प्रोत्साहन ही ख़त्म हो जायेगा।  


माता-पिता पूरी बात समजे बिना यह न सोचले की बच्चे में खामी हैं शिक्षक या शाला की गलतिया भी हो सकती है। 

प्रश्न की जटिलता और पेन-पेपर पर परीक्षा कक्षा के अनुसार होनी चाहिए। 

एक और तथ्य 

परीक्षा या टेस्ट से जुड़े एक और तथ्य को बतलाता हूँ  जब 25,30,50 या 75 मार्क के पेपर होते है तो उससे बच्चो को नुकसान ही होता है चलिए हम उदाहरण से समज़ते है।  

पेपर A 25 मार्क का है और पेपर B 100 मार्क का दोनों में 1 मार्क का एक प्रश्न समान पूछा हे और मानिए की दोनों पेपर में वह गलत हो गया तो 

पेपर A का परिणाम   24/25  
पेपर B का परिणाम   99/100 

अब दोनों का टका निकाले तो 
       
           पेपर A        24/25 *4 =96/100          96%

          पेपर B         99/100=99                     99%

देखा 99% और 96%  का तफावत अगर मानिए की दोनों में पांच मार्क कम आये तो 

          पेपर A          20/25 =80                     80%
          
          पेपर B          95/100 =95                   95%

मतलब की 100 से कम मार्क वाले टेस्ट को 100 के आधार पर तक निकाल क्र बच्चे का Perfomance नक्कि नहीं करना चाहिए।    



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